Peptic Ulcer in Hindi: प्रकार, कारण, उपचार, सावधानियांं

अल्सर क्या है? / What is Ulcer

अल्सर त्वचा के अस्तर पर एक खुला घाव होता है जो दर्द, लाली, जलन और सूजन का कारण बनता है।

अल्सर शरीर पर कहीं भी हो सकता है, चाहे वह पेट के अस्तर पर हो या फिर त्वचा की बाहरी सतह पर ।

पेप्टिक अल्सर क्या है / What is Peptic Ulcer in Hindi

पेप्टिक अल्सर एक ऐसी स्थिति है जिसमें पेट, आंत, या अन्नप्रणाली(esophagus) के अस्तर में एक घाव विकसित हो जाता है। पेप्टिक अल्सर आमतौर पर गैस्ट्रोइंटेस्टिनल ट्रैक्ट(GIT) के आक्रामक और रक्षात्मक तंत्र के बीच असंतुलन के कारण होता है।

आक्रामक कारक (Aggressive Factors)रक्षात्मक कारक (Defensive Factors)
हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCL)गैस्ट्रिक म्यूकोसा (Gastric Mucosa)
पेप्सिनबाइकार्बोनेट
पित्त (Bile)प्रोस्टाग्लैंडिंस (PGs)

पेट में भोजन को तोड़ने के लिए पेट हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCL) को स्रावित (Secrete) करता है। यह भोजन के प्रति एक आक्रामक प्रकृति(aggressive nature) को दर्शाता है, जो शरीर के लिए अच्छा है। दूसरी ओर, शरीर गैस्ट्रिक म्यूकोसा नामक पेट पर एक सुरक्षात्मक अस्तर(lining) का उत्पादन करता है, जो हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCL) और अन्य आक्रामक कारकों से पेट की परत को बचाता है।

पेप्टिक अल्सर दिखाई दे सकता है अगर:

  • पेट सामान्य से अधिक हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCL) का उत्पादन करता है। क्योंकि पेट के एसिड में वृद्धि सुरक्षात्मक गैस्ट्रिक म्यूकोसा को नुकसान पहुंचा सकती है और पेट के अस्तर पर एक घाव का कारण बन सकती है।
  • पेट सुरक्षात्मक गैस्ट्रिक म्यूकोसा का उत्पादन करने में विफल रहता है या पेट में आक्रामक कारकों से अस्तर(lining) की रक्षा के लिए म्यूकोसा उतनी मजबूत नहीं होती है।

पेप्टिक अल्सर के प्रकार / Types of Peptic Ulcer in Hindi

पेप्टिक अल्सर आमतौर पर तीन प्रकार के होते हैं

  1. गैस्ट्रिक अल्सर: यह आमतौर पर पेट में विकसित होता है।
  2. एसोफैगल अल्सर: यह अन्नप्रणाली (भोजन नली) में विकसित होता है।
  3. डुओडेनल अल्सर: यह छोटी आंत (डुओडेनम) के पहले भाग में विकसित होता है।

पेप्टिक अल्सर के कारण / Causes of Peptic Ulcer in Hindi

H1 पाइलोरी (हेलिकोबैक्टर पाइलोरी) बैक्टीरिया

H1 पाइलोरी एक प्रकार का बैक्टीरिया है जो पेट में संक्रमण का कारण बनता है जिससे पेट में घाव का कारण बनता है। H1 पाइलोरी बैक्टीरिया के कारण होने वाले पेप्टिक अल्सर का इलाज आमतौर पर एंटीबायोटिक दवाओं द्वारा और पेट के एसिड के उत्पादन को कम करने वाली दवाओं द्वारा किया जाता है।

NSAID (नॉन स्टेरॉइडल एंटी इंफ्लेमेटरी ड्रग)

NSAIDs (एस्पिरिन, आइबूप्रोफेन, नेपरोक्सन) आमतौर पर पेप्टिक अल्सर के गठन के लिए जिम्मेदार हैं।

NSAID की Non-Selective COX inhibitor प्रकार वाली दवाओ के साथ पेप्टिक अल्सर के विकास की संभावना अधिक है। ये दवाएं COX-1 और COX-2 एंजाइम गतिविधि को अवरुद्ध करके अपना प्रभाव दिखाती हैं। COX-1 एंजाइम आमतौर पर पेट में गैस्ट्रिक म्यूकोसा के गठन के लिए जिम्मेदार होते हैं।

COX-1 एंजाइम की क्रिया को अवरुद्ध करने से पेट में गैस्ट्रिक म्यूकोसा के गठन में रूकावट होती है और पेट के एसिड द्वारा पेट के अस्तर को नुकसान पहुंचाने की संभावना बढ़ जाती है।

धूम्रपान

धूम्रपान इन कारणों से पेप्टिक अल्सर विकसित कर सकता है:

  • सुरक्षात्मक गैस्ट्रिक म्यूकोसा के साथ हस्तक्षेप करके।
  • अग्न्याशय से बाइकार्बोनेट स्राव को कम करके।
  • पेट के एसिड के गठन को बढ़ा कर।

शराब

अधिक शराब के सेवन से पेट में एसिड बनना बढ़ सकता है, जो कि अल्सर का मुख्य कारण होता है। यदि आप पहले से ही पेप्टिक अल्सर से पीड़ित है, तो शराब का सेवन करने से स्थिति ओर ज्यादा खराब हो सकती है और उस अल्सर को ठीक करने के समय को लम्बा खींच सकती है।

नोट: यदि आप पेप्टिक अल्सर से पीड़ित हैं, तो शराब का सेवन ना करे।

लक्षण / Symptoms of Peptic Ulcer in Hindi

अब सवाल यह है कि हम कैसे जान सकते हैं कि हमें पेप्टिक अल्सर है। पेप्टिक अलसर के कारण शरीर में कुछ लक्षण दिख सकते है जैसे:

  • पेट में जलन
  • खट्टी डकार
  • जी मिचलाना
  • उल्टी
  • पेट भरा-भरा लगना
  • भूख में कमी
  • पेट के ऊपरी भाग में दर्द

निदान / Diagnose of Peptic Ulcer in Hindi

ज्यादातर रोगियों में पेप्टिक अल्सर का निदान इसके लक्षणों जैसे पेट में जलन, अपच, पेट के ऊपरी भाग में दर्द, जी मिचलाना, मतली, या उल्टी से किया जा सकता है।

डॉक्टर पेप्टिक अल्सर का कारण जांचने के लिए आपको रक्त परीक्षण(blood test) कराने के लिए कह सकते हैं। आमतौर पर H1 ​​पाइलोरी बैक्टीरिया के कारण हुए पेप्टिक अलसर की जांच के लिये ब्लड टेस्ट किया जाता है। H1 पाइलोरी बैक्टीरिया के मामले में, एंटीबायोटिक दवाओं का आमतौर पर PPI (प्रोटॉन पंप इन्हिबिटर्स) दवाओं के साथ उपयोग किया जाता है।

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डॉक्टर पेप्टिक अल्सर के निदान के लिए एक एंडोस्कोपी भी कर सकते हैं।

उपचार / Treatments of Peptic ulcer in Hindi

पेप्टिक अल्सर का उपचार अल्सर के कारण पर निर्भर करता है।

विभिन्न प्रकार की दवाएं हैं जो पेप्टिक अल्सर के इलाज के लिए अलग तरह से काम करती हैं। पेप्टिक अल्सर के लिए उपयोग की जाने वाली दवाएँ हैं:

एंटीबायोटिक्स

यदि अल्सर का कारण H1 पाइलोरी बैक्टीरिया है तो इसका इलाज संभवत: एंटीबायोटिक्स जैसे कि (Amoxycillin, Clarithromycin, Metronidazole, Levofloxacin) के साथ उन दवाओं के साथ किया जाएगा जो पेट के एसिड के गठन को कम करती हैं जैसे PPIs (प्रोटॉन पंप इन्हिबिटर्स)।

प्रोटॉन पंप इन्हिबिटर्स (PPIs)

आपका डॉक्टर PPI (प्रोटॉन पंप इनहिबिटर्स) जैसे कि ओमेप्राज़ोल, रेबेप्राज़ोल, पैंटोप्राज़ोल, लैंसोप्राज़ोल, एसोमप्राज़ोल लिख सकता है। पीपीआई आमतौर पर पेट के एसिड के गठन को रोककर काम करते हैं और अल्सर को प्राकृतिक रूप से ठीक करने में मदद करते हैं।

NSAID (नॉन-स्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग) दवाओं के द्वारा होने वाले पेप्टिक अल्सर को रोकने के लिए भी PPI (प्रोटॉन पंप इनहिबिटर्स) दवाओं को NSAID के साथ निर्धारित किया जा सकता है।

H2 हिस्टामाइन ब्लॉकर्स

डॉक्टर पेप्टिक अल्सर के इलाज के लिए H2 हिस्टामाइन ब्लॉकर्स जैसे कि रैनिटिडीन, सिमेटिडीन, फैमोटिडीन लिख सकते हैं। ये दवाएं आमतौर पर पेट के एसिड के गठन को कम करके काम करती हैं। पेट के एसिड को कम करने से अल्सर को प्राकृतिक रूप से ठीक करने में मदद मिलती है।

Antacids

आपका डॉक्टर पेप्टिक अल्सर के इलाज के लिए सोडियम बाइकार्बोनेट, Magaldrate, कैल्शियम कार्बोनेट जैसे एंटासिड भी लिख सकता है। एंटासिड आमतौर पर एसिड के PH को बढ़ाकर और पेट के एसिड को बेअसर(neutralize) करके काम करते है। यह पेट में जलन और अपच(Indigestion) जैसे लक्षणों से तेज़ी से राहत दिलाते है लेकिन PPI और H2 ब्लॉकर्स दवाओं की तुलना में इनकी कार्रवाई की अवधि(duration of action) कम होती है।

म्यूकोसल प्रोटेक्टिवस

म्यूकोसल प्रोटेक्टिवस जैसे सुक्रालफेट(Sucralfate) का उपयोग भी पेप्टिक अल्सर के उपचार में किया जा सकता है। यह अल्सर की सतह पर एक सुरक्षात्मक बाधा(Protective Barrier) के रूप में काम करता है और यह एसिड, पित्त और पेप्सिन से अल्सर की रक्षा करता है।

ClassExampleMechanism
एंटीबायोटिक्सएमोक्सिसिलिन, क्लेरिथ्रोमाइसिन, मेट्रोनिडाजोलएंटीबायोटिक (H1 पाइलोरी बैक्टीरिया को मारते है)
प्रोटॉन पंप इन्हिबिटर्स (PPIs)ओमेप्राज़ोल, रबेप्राज़ोल, पैंटोप्राज़ोलपेट के एसिड के गठन को रोकते है
H2 ब्लॉकर्सFamotidine, Ranitidine, Cimetidineपेट के एसिड के गठन को कम करते है
एंटासिड्स (Antacids)सोडियम बाइकार्बोनेट, मैगेलड्रेटपेट के एसिड को बेअसर(Neutralize) करते है
म्यूकोसल प्रोटेक्टिव्ससुक्रालफेटअल्सर की सतह पर सुरक्षात्मक अवरोध के रूप में कार्य करते है

सावधानियांं /Precautions

आपको एस्पिरिन, आइबूप्रोफेन, और नेपरोक्सन जैसी दर्द निवारक दवाओं (NSAID) का उपयोग करने से बचना चाहिए।

मसालेदार भोजन से बचने की कोशिश करें। क्योंकि मसालेदार भोजन पेट में एसिड के निर्माण में वृद्धि का कारण हो सकते है और स्थिति को खराब कर सकते है।

धूम्रपान या शराब का सेवन करने से बचें।

आपको तनाव(Stress) को प्रबंधित(Manage) करने का प्रयास करना चाहिए। तनाव पेप्टिक अल्सर की स्थिति को बदतर बना सकता है।

सारांश / Summary

पेप्टिक अल्सर एक खुला घाव है जो पेट, आंत, या अन्नप्रणाली में विकसित होता है। यह H1 ​​पाइलोरी बैक्टीरिया, दर्द निवारक दवाओं के अक्सर उपयोग (NSAID), धूम्रपान और शराब के अधिक सेवन के कारण हो सकता है।

पेप्टिक अल्सर का निदान आमतौर पर इसके लक्षण जैसे पेट में जलन, अपच, काले मल, मतली, पेट के ऊपरी भाग में दर्द, उल्टी और भूख न लगना द्वारा किया जाता है।

इसका उपचार आमतौर पर अल्सर के कारण पर निर्भर करता है। इसका इलाज आमतौर पर एंटीबायोटिक दवाओं, प्रोटॉन पंप इन्हिबिटर्स, H2 ब्लॉकर्स, एंटासिड्स और म्यूकोसल प्रोटेक्टिवस दवाओं द्वारा किया जाता है।

गंभीर परिस्थितियों में, पेप्टिक अल्सर के इलाज के लिए सर्जरी या ऑपरेशन भी किया जा सकता है।

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Sahil Nasa (B. Pharma)
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साहिल पेशे से फार्मासिस्ट है। इन्हें किताबें पढ़ना और ब्लॉग लिखना पसंद है।